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एबीपी माझा न्युज चैनल

एबीपी माझा न्युज चैनल, डॅड…. . सीरीयस लग रहे हो…… सब ठीक तो है ना…….? आराधना उस टॉप को पहनते हुए बोलती है. वो टॉप बिल्कुल ट्रॅन्स्परेंट था, और आराधना ने अंदर की ब्रा पैंटी उसमे क्लियर दिखाई दे रही थी. आराधना का ये बोल्ड अंदाज़ बिल्कुल नया था. कुच्छ ही सेकेंड मे प्रीति की जीन्स प्रीति के बदन से अलग थी. अब उसकी बॉडी पे बस एक थिन फ्लॉरल पैंटी थी, वो आगे बढ़ कर फिर से कुशल के सीने से चिपक जाती है.

हम दोनों वो मूवी देख रहे थे कि एक सीन आया.. जिसमें दो बहुत क्यूट से यंग लड़के एक-दूसरे की गाण्ड में डिल्डो (रबर का लण्ड) अन्दर-बाहर कर रहे थे। स्मृति अपना मूँह हटाती है और बोलती है. बेटा..... वो... वो आज सही नही है. आज दिन मे ही तुम्हारे डॅडी ने मेरी दो बार ली है. अगर तुम मुझे वहाँ किस करोगे तो ये हाइगियेनिक नही है....

हय्य्य्य............लायन बेटा. ..........निकाल दे अपने वीर्य को अपनी मम्मी की प्यासी चुत में........मैं तेरे पानी को अपनी चुत में महसूस करना चाहती हूँ....निकाल दे बेटा निकाल दे हाय्य्यय्य्य्य......... स्मृति भी बोली एबीपी माझा न्युज चैनल स्मृति भी गाड़ी की स्पीड को कम कर चुकी थी, शायद वो कुशल की बातो से अग्री थी. और वैसे भी पेशाब वग़ैरा ऐसी बाते है कि जब कोई करता है तो और आता है.

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  1. पर वक्त बीतता गया और रात के लगभग 11 बजने वाले थे, पर ना तो उसके दरवाज़े पर कोई दस्तक हुई ना ही कुशल का कोई मेसेज उसके फ़ोन पर आया... अब उससे और इन्तेजार नही हो पा रहा था,
  2. मोम...... डॅड को लाख बार थॅंक यू बोलूँगा........ कि उन्होने इस कीमती चीज़ को मेरे लिए छोड़ दिया....... कुशल एग्ज़ाइटेड होते हुए स्मृति की गान्ड की तारीफ करता है. रोमांटिक गर्ल
  3. बाथ टब के अंदर ही पंकज के दोनो हाथ आराधना की गान्ड पर थे जोकि हर धक्के के दौरान उन्हे उपर उठाते और फिर नीचे लाते. आराधना की आँखे बस मस्ती मे बंद थी. रश्मि- भैया लगता है मम्मी बहुत चुदासी है, वह रोज रात को अपनी सदी को कमर तक उठा कर मुझे सोया जान कर अपनी फूली हुई छूट में उंगली दल कर अपनी मोटी गान्ड को खूब ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगती है,
  4. एबीपी माझा न्युज चैनल...प्रीति फिर से खड़ी होती है और बड़े प्यार से कुशल के लिप्स पे एक किस करती है. तो तूने इतने टाइम से मुझे इग्नोर क्यू किया........ क्या मैं जवान नही या तुझे मेरी वर्जिनिटी पे शक है....... प्रीति लिप्स को अलग करने के बाद पूछती है. रवि- इसलिए कि वह मुझे बिना पेंटी के ही अच्छी लगती है और फिर रवि कोमल की पेंटी को सूंघ लेता है और कोमल कनखियो से अपने पापा की हरकत देख कर मुस्कुराती रहती है, कुछ देर बाद कोमल खा पीकर अपने पापा की बाँहो से चिपक कर बैठ जाती है,
  5. अगर बिल्कुल सही बात कहूँ तो हमला एक खंजर से किया गया था. पोस्ट मॉर्टेम की रिपोर्ट के हिसाब से वो ऐसा खंजर था जो पुराने ज़माने में राजा महाराजा रखा करते थे. वो तलवार जैसे होता है ना, आगे से मुड़ा हुआ इस बार मिश्रा ने बात की अभी बस उसने जस्ट चाय खत्म की ही थी कि उसे निचे हॉल में कुछ हलचल की आवाज़ सुनाई दी, वो खड़ी होकर बाहर आई तो उसने देखा कि निचे हॉल में मोम और कुशल रेडी होकर कहीं जाने के लिए तैयार खड़े थे

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फास्ट प्लीज़...... आहह....... एसस्स्स्स्स्सस्स.... प्लीज़ फक्क्क्क मी........ आराधना अपनी मस्ती के आलम मे चूर हो चुकी थी लेकिन पंकज अभी भी ख्याल कर रहा था कि आराधना कुँवारी है.

प्रीति – आपके चेहरे का रंग बता रहा है कि ऐसी बातें तो आपको भी अच्छी लगती हैं, लेकिन आप शर्माती बहुत हैं, खैर ये मेरा फर्ज नहीं है कि मैं आपकी बॉडी को देखूं या तारीफ करूं, ये तो आपके बॉयफ्रेंड या आपके पति का ही हक़ होगा तभी बाहर दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आई और मैं समझ गया के दुकान की मलिक वो औरत आ गयी है. प्रिया ने फ़ौरन आगे बढ़कर एक टॉप उठाया और मैं दरवाज़ा खोलकर स्टोर रूम से बाहर आ गया

एबीपी माझा न्युज चैनल,राज- (रश्मि की गदराई जवानी पर एक नज़र मारता हुआ..) तो क्या हुआ? तेरा जब जहाँ मन करे सो जाया कर. इस घर में तेरा-मेरा वाली कोई चीज़ नही है, सब तेरी ही है समझी.

क्यूँ दीदी, क्या लगता है कि मैं जीत सकती हू या नही.... प्रीति ब्रा और पैंटी मे खड़े खड़े ही पूछती है.

रवि- मालती की फूली हुई चूत को अपने हाथो से दबोचते हुए, हाँ यह तो तुम सच कह रही हो बिल्कुल तुम पर गई हैराजधानी चार्ट दिखाइए

ये तो मैं नही जानती उसने सीरीयस होते हुए कहा कोशिश की थी मैने पता करने की बट आइ कॉयुल्ड्न्ट फाइंड आउट, ऑल्दो आइ आस्क्ड ऑल दा सर्वेंट्स; पर वो खंजर तो कई महीनो से गायब था स्मृति मन मे सोच रही थी कि ये कोई बेहद नालयक लड़का है. लेकिन दूसरी तरफ उससे चाटिंग करने की स्मृति को आदत भी पड़ गयी थी. वो रिलॅक्स थी क्यूंकी उसे ऐसा लगता था कि चाटिंग ही तो है. कुच्छ देर तक लाइयन का कोई रिप्लाइ नही था क्यूंकी शायद वो ट्राउज़र पहन रहा था या पहन ने का बहाना कर रहा था.

तो कपड़ो सही शुरू करते हैं मैने कहा आज शाम को तू कुच्छ लड़कियों वाले कपड़े खरीद जैसे सलवार कमीज़ या सारी

तो मोम, अभी तो घर पहुँचने मे बहुत टाइम लगेगा. और अगर आप ऐसे ही चलाएंगी तो शायद पहुँचनगे ही नही. अभी रोड खाली है, आप चाहे तो आप भी कर सकती है.. कुशल उसे एक आइडिया देता है,एबीपी माझा न्युज चैनल कुशल.... मैं एक लड़की हू. और लड़की का तैयार होना थोड़ा अलग होता है तो तू अपने रूम मे जा. आराधना फिर से समझाती है उसे

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