सेक्सी वीडियो आदमी आदमी

बाई आंघोळ करताना

बाई आंघोळ करताना, अब मोना की चुत पे सतीश का लंड रगड खाने लगता है.फिर उसकी चुत पानी छोड़ देती है उसके मुंह से आह निकल जाती है उसकी आह सुनकर सतीश पूछता है ओर वह पूरा नंगा उस क पीछे चिपक कर खड़ा हो इस बार सतीश ने अपना लंड बजाये लेफ्ट राईट करने क उस की गांड में मूव करना शुरू कर दिया.

सानिया : आहः... .. ओहः... है बड़ा मज़ा आ रहा है... .. हाँ और ज़ोर से चूस मेरी चुत को..... खा जा... मेरी चुत के डेन को.... है में झड़ने वाली हु... ... है में गयी.... नहाई धोई बहूरानी बहुत उजली उजली सी, खिली खिली सी लग रही थी, ज़िन्दगी में पहली बार मैंने उसकी रूपराशि को, उसके मदमस्त यौवन को, उसके उत्तेजक कामुक सौन्दर्य को नज़र भर कर निहारा।

सतीश पलट गया... और उसने अपनी मम्मी को अपने ऊपर कर लिया... और निचे से अपनी मम्मी की चुत में लंड पेलने लगा. बाई आंघोळ करताना मैंने लौड़ा पूरा जड़ तक ले लिया और फिर घस्से मारने लगी लेकिन अब मेरा वो जोश थोड़ी देर के लिए ठंडा पड़ गया था। ढिल्लों मेरे सामने खड़ा दारू पी रहा था और मुझे देख रहा था।

तृषा मधु वायरल वीडियो

  1. इसके बाद मैं ‘हाय हाय’ करती खुद घस्से मारती रही और मज़े लेते रही लेकिन 10-12 मिनट के बाद मैं फिर झड़ गई। झड़ते ही मेरा मुँह बेड में धंस गया। मैं फिर फ़ौजियों की तरह आगे निकलने वाली थी कि ढिल्लों ने मेरी कमर पकड़ ली और बोला- जाती कहाँ हो, जानेमन, अभी तक मैंने तांगा जोड़ा ही कहाँ है।
  2. जल्द ही अजय अपने दादिमा के पीछे पीछे उनके कमरे की और जाने लगा। क्योंकि रामधीर भी इस वक्त लाइब्रेरी वाले कमरे में किताब ने मगन था, प्राइवेसी में कोई प्रॉब्लम नहीं था। अजय और यशोधा देवी कमरे में पहुंच जाते है और यशोधा देवी सारे खिड़कियां और पर्दे बंद करने लगी। अजय सोच में पड़ गया। एक्स एक्स एक्स फोटो एचडी
  3. सतीश : अपनी परी का इन्तेजार... आज तुम्हे में अपने हाथों से तैयार करुँगा... आज में अपनी सेक्सी मम्मी के सेक्सी जिस्म को अपने हाथों से सजाऊंगा.... मैं कुछ पल तक खामोश रही फिर मैं एक ही साँस में बोल पड़ी- मुझे अपने लिए ब्रा और पैंटी लेनी है.........तुम सच में बहुत बुद्धू हो.......इतना भी नहीं समझते कि लड़कियाँ मार्केट में अपने लिए पर्सनल चीज़ें खरीदने जाती है.......
  4. बाई आंघोळ करताना...Charanjeet hairan hokar apne muh par hath rkh kar boli – Haye oye rabba kesi baten kar rha hai tu, oye tujhe koi aur nhi mila aisi baten karne ke liye. अजय के इस हुलिया को देखकर यशोधा के मुंह से निकल गई हाय! में मर जाओ! वारि वारी ही गई! आ अजय! यह पास बैठ मेरे!
  5. गौरव के दिल अभी भी जोरों से धड़क रहा था। पुरुष स्पर्श का यह पहला पहला अनुभव था और बहुत अजीब सी कशिश थी इसमें। मैं भी झड़ जाने को बेचैन था, मैंने कुछ आखिरी धक्के बहूरानी के मनमाफिक लगा कर उसे अपने सीने से लिपटा लिया और मेरे लंड से वीर्य की पिचकारियाँ निकल निकल के चूत में भरने लगीं.

नाम हीरोइन south हीरोइन name

उसके बाद मैं बहूरानी की इजाजत से ही उनकी चूत के नजदीक से कई क्लोजप्स अपने मोबाइल से लिए, जैसे अलग अलग एंगल से, एक पोज में बहूरानी अपनी दो उँगलियों से अपनी चूत फैलाए हुए, दूसरे पोज में अपने दोनों हाथों से चूत को पूरी तरह से पसारे हुए इत्यादि; ताकि इन पलों की स्मृति हमेशा बनी रहे.

अब आप सबको अपने अपने कमेंट्स जरूर लिखे और अपने अमूल्य सुझाव देने हैं ताकि मैं अपनी अगली कहानियों में उचित सुधार कर सकूं. सतीश : बाहर हॉल में डाइनिंग टेबल पर... वहाँ डाइनिंग टेबल पे तुम्हे आराम से लेटा के में तुम्हारे जिस्म के सारे बाल शेव करुँगा...

बाई आंघोळ करताना,तो इसी डर के कारण उसको मनाने के लिए मैंने कान पकड़ कर सॉरी कहा और उससे हाथ से बोतल छीन कर पीने लगी और गाड़ी की गीतों वाली लीड उठा कर अपने फोन पर चमकीले का गाना लगा दिया। ये गाने बेहद रोमांटिक हैं और मेरे पंजाबी लड़के लड़कियां दोस्त उसे अच्छी तरह जानते हैं।

अच्छा अच्छा ठीक है अंकल जी. मुझे विश्वास है आपकी बात पर! वो जल्दी से बोली. जाहिर था मेरी रोनी सी सूरत देख के वो मुझपर भरोसा कर गई थी.

Tabhi aage jo wo najara dekhti hai. Use dekh kar uski ankhen fati ki fati reh jati hai. Wo dekhti hai ki Jagroop ki chuni niche padi hoti hai. Aur samen Jagroop ke unche lambe ladke se chipaki hui thi. Wo bade aram se us ladke se chipake hue uske hontho ko chus rhi thi.पंजाबी सेक्स ब्लू पिक्चर

पापा मेरे करीब आए और आकर मीरे पास खड़े हो गये.....वही मेरा डर और भी बढ़ चुका था- जो मैं सुन रहा हूँ क्या वो सच है अदिति......मैं बस तेरे मूह से सच सुनना चाहता हूँ........मुझे जवाब चाहिए अभी....... मुझे मोर्चे से हटती न देख कर ढिल्लों ने मेरी कमर से अपनी पकड़ ढीली कर दी और 4-5 धीरे मगर लंबे घस्से मारे। मुझे अब बिल्कुल भी मज़ा नहीं आ रहा था, मैं रंडियों की तरह मजबूर थी और इस इस इंतज़ार में थी कि जल्दी उस घोड़े जैसे मर्द का काम हो जाये।

एक बार फिर से मैं उस चरम सुख को पा लिया था........पता नहीं क्यों मैं उस वक़्त सब कुछ भूल चुकी थी......अब मेरे अंदर ना ही कोई पश्चाताप था और ना ही किसी बात की चिंता.....मैं उस हसीन सुख के आगे अब एक कठपुतली सी बनकर रह गयी थी.

म्म्... बड़ा मज़ा आ... रहा है... तुम्हारे हाथों में तो जादु..... है. आह... बड़ा मजा.... आ... रहा.... है. मस्ती में मेरी चुत बहुत वीर्य छोड रही है. में, में झड़ने के करब पहुँच गई हु. मेरा दिल कर रहा है की में अपनी वीर्य चुदति चुत में तुम्हारा लंड दाल के जम के अपनी चुदाई करवावू.,बाई आंघोळ करताना अच्छा अच्छा… अब समझा. तू जीनियस है अदिति बेटा और मैं कितना बुद्धू हूं. मैंने कहा और खुद को जोर से चिकोटी काट के सजा दी कि यह बात मुझे पहले क्यों नहीं सूझी कि बहूरानी मुझे ट्रेन से ही चलने के लिए क्यों जोर दे रही है.

News